शान ने आवाज़ सुनी—अपनी दादी की। वह तीसरे दरवाज़े से आ रही थी। उसने बिना डरे, किवाड़ खोला। अंदर एक चमकता हुआ हीरा नहीं, बल्कि एक पुराना पन्ना (Index Page) था, जिस पर लिखा था:
लेकिन शान ने सोचा, "जर्नी 2: द मिस्टीरियस आइलैंड" फिल्म की तरह, असली खतरा सिर्फ द्वीप नहीं, बल्कि उसके भीतर छिपा 'सूचकांक' था। उसने चुपके से अपने दोस्तों—बुद्धिमान मीरा और तकनीकी विशेषज्ञ अर्जुन—को बुलाया।
शान ने अपने सौतेले पिता हैंक (Hank) को बताया। हैंक, जो एक पूर्व नौसेना अधिकारी थे, ने उड़ान भरने से मना कर दिया। "बेटा, यह असंभव है," उन्होंने कहा। index of journey 2 the mysterious island hindi
मीरा ने कहा, "यह कोड है। हमें सही दरवाज़ा चुनना होगा।"
पुरानी किताबों की धूल भरी दुकान में, शान (Sean) को एक अजीब रेडियो सिग्नल मिला। वह हिंदी में था: "सहायता करें... द्वीप... सूचकांक..." यह कोई साधारण संदेश नहीं था। यह उसकी दादी की आवाज़ थी, जो तीन साल पहले एक अभियान में गायब हो गई थीं। यह असंभव है
अगले ही पल, दादी प्रकट हुईं। वह बोलीं, "शान, यह सूचकांक कोई नक्शा नहीं है। यह उन सब यात्राओं की डायरी है, जो इस द्वीप पर आईं। मैं यहाँ फँसी थी क्योंकि मैं केवल खजाना ढूंढ़ना चाहती थी। तुमने बलिदान चुना, इसलिए तुमने मुझे मुक्त कर दिया।"
"जो इस द्वीप को ढूंढे, वह अपना भविष्य पाए। जो इसका सूचकांक पढ़े, वह अपना अतीत सुधारे।" दूसरे पर "लालच"
अंदर, तीन किवाड़ थे। पहले पर लिखा था "भय", दूसरे पर "लालच", तीसरे पर "बलिदान"।
अंत में, पूरा द्वीप काँपा। वे सब जहाज़ पर सवार हुए और वापस लौट आए। शान ने उस पन्ने को घर के कमरे में लगा दिया। अब हर बार जब वह उसे देखता, उसे याद आता—