नोबिता घबरा गया। डोरेमॉन ने कहा, "गलती तो तुम्हारी है, अब इसे सुधारना भी तुम्हारा कर्तव्य है।"
प्रौद्योगिकी का उपयोग सही दिशा में ही कल्याणकारी होता है, और गलतियाँ सुधारने का साहस ही व्यक्ति को असली नायक बनाता है।
यहाँ "डोरेमॉन: नोबिता और स्टील ट्रूप्स" विषय पर एक रोमांचक हिंदी कहानी प्रस्तुत है: एक दिन नोबिता स्कूल से बहुत उदास लौटा। उसने डोरेमॉन को बताया, "गियान और सुनेओ हमेशा मुझे कमजोर कहते हैं। काश मैं भी ताकतवर होता!" doraemon nobita and the steel troops hindi
अंत में डोरेमॉन ने मुस्कुराते हुए कहा, "देखा नोबिता, असली हीरो वो नहीं जिसके पास ताकत हो, बल्कि वो जो अपनी गलती सुधारने का साहस रखता है।"
डोरेमॉन ने अपनी जादुई जेब से 'रोबोट निर्माण किट' निकाली। "इससे तुम अपने खुद के रोबोट बना सकते हो," डोरेमॉन ने समझाया। "गलती तो तुम्हारी है
मेटल किंग ने नोबिता से कहा, "तुम्हारी सच्ची ताकत तुम्हारा दोस्तों के प्रति प्यार और जिम्मेदारी है, न कि कोई यांत्रिक शक्ति।"
नोबिता ने खुश होकर कई छोटे रोबोट बनाए। लेकिन गलती से उसने 'अल्ट्रा मैग्नेटिक चिप' लगा दी, जिससे सारे रोबोट आपस में जुड़कर एक विशालकाय इस्पात सेना (स्टील ट्रूप्स) में बदल गए। doraemon nobita and the steel troops hindi
सारे रोबोट वापस छोटे हो गए। नोबिता ने उन्हें दोबारा सही तरीके से बनाया - अब वे मददगार रोबोट थे।
नोबिता, शिजुका, गियान और सुनेओ ने मिलकर योजना बनाई। डोरेमॉन ने 'एंटी मैग्नेट डिवाइस' दी। नोबिता ने अपनी दिमागी चाल से मेटल किंग का ध्यान भटकाया, और बाकी सबने उसकी पावर चिप हटा दी।